मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA Yojana) 2025 — राजस्थान के हर परिवार को ₹25 लाख तक का मुफ्त इलाज
राजस्थान सरकार ने अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है — मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA Yojana)। इस योजना के तहत राज्य के हर पात्र परिवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में ₹25 लाख तक का कैशलेस और निशुल्क इलाज मिलता है।
अगर आप राजस्थान के निवासी हैं और अभी तक इस योजना के बारे में नहीं जानते, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है। यहाँ हम MAA Yojana की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी देंगे।
MAA Yojana क्या है? (What is MAA Yojana?)
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना राजस्थान सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसे पहले मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से जाना जाता था, जिसे 1 मई 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉन्च किया था।
19 फरवरी 2024 को वर्तमान भाजपा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA Yojana) रखा। इसका उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज प्रदान करना है — यानी हर नागरिक को बिना पैसे की चिंता किए अच्छा इलाज मिल सके।
इस योजना के कारण राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य बन चुका है जो अपने सभी नागरिकों को यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस कवर देता है।
MAA Yojana की मुख्य विशेषताएं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) |
| शुरुआत | 1 मई 2021 (चिरंजीवी योजना के रूप में) |
| नाम बदला | 19 फरवरी 2024 |
| स्वास्थ्य बीमा कवर | ₹25 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष |
| दुर्घटना बीमा कवर | ₹10 लाख अतिरिक्त |
| मेडिकल पैकेज | 2179+ प्रक्रियाएं और पैकेज |
| पंजीकृत परिवार | 1.34 करोड़ से अधिक |
| प्रीमियम (गैर-पात्र परिवार) | ₹850 प्रति वर्ष |
| आधिकारिक वेबसाइट | maayojana.rajasthan.gov.in |
MAA Yojana के लाभ (Benefits)
MAA Yojana के तहत पात्र परिवारों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
1. ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज
पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध (empanelled) निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। अस्पताल में भर्ती होने पर किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करना पड़ता। पूरा खर्च सरकार उठाती है।
2. ₹10 लाख का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा
योजना के तहत ₹10 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। दुर्घटना की स्थिति में ₹25 लाख के अतिरिक्त ₹10 लाख का बीमा कवर मिलता है।
3. प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवर
- अस्पताल में भर्ती होने से 5 दिन पहले तक का खर्च कवर होता है।
- अस्पताल से छुट्टी के बाद 15 दिनों तक का खर्च कवर होता है।
4. निशुल्क परिवहन सुविधा
रेफरल और डिस्चार्ज के समय घर से अस्पताल तथा अस्पताल से घर तक निशुल्क परिवहन की व्यवस्था।
5. महंगे उपचार भी शामिल
इसमें भर्ती (In-patient) होने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल हैं।
- कैंसर उपचार
- हृदय रोग और हार्ट ट्रांसप्लांट
- किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट
- बोन मैरो ट्रांसप्लांट
- कॉकलियर इम्प्लांट
- फेफड़े का प्रत्यारोपण
6. नवजात शिशुओं को भी कवर
जन्म के 30 दिन बाद तक बीमार नवजात शिशु को निशुल्क और शून्य व्यय इलाज मिलता है।
7. 2179+ मेडिकल पैकेज
31 विशेषज्ञताओं में 2179 से अधिक पैकेज के तहत इलाज की सुविधा।
MAA Yojana पात्रता (Eligibility)
MAA Yojana का लाभ उठाने के लिए राजस्थान का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
आयु और परिवार की कोई सीमा नहीं: परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके अलावा, पात्रता दो श्रेणियों में बाँटी गई है:
निशुल्क श्रेणी (100% सरकारी प्रीमियम भुगतान)
इन परिवारों का पूरा प्रीमियम सरकार देती है:
- NFSA परिवार — राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकृत परिवार
- SECC 2011 परिवार — सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 के लाभार्थी
- लघु और सीमांत किसान
- संविदा कर्मचारी — सरकारी विभागों/बोर्ड/निगम में कार्यरत
- कोविड-19 प्रभावित परिवार — अनुग्रह राशि पाने वाले निराश्रित परिवार
- EWS श्रेणी के नागरिक
- 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिक
प्रीमियम श्रेणी (₹850 प्रति वर्ष)
जो परिवार उपरोक्त श्रेणियों में नहीं आते, वे मात्र ₹850 प्रति वर्ष का प्रीमियम देकर इस योजना में शामिल हो सकते हैं और ₹25 लाख तक का बीमा कवर पा सकते हैं।
ध्यान दें: सरकारी कर्मचारी और पेंशनर जो Medical Attendance Rules के तहत लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
MAA Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
- जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card)
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- राजस्थान निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
- राशन कार्ड / NFSA पंजीकरण (यदि लागू हो)
- बैंक खाता विवरण
MAA Yojana ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? (How to Apply Online)
MAA Yojana में पंजीकरण की प्रक्रिया बहुत आसान है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- आधिकारिक वेबसाइट maayojana.rajasthan.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर “ऑनलाइन पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें।
- दिशा-निर्देश पढ़ें और “Redirect to SSO” पर क्लिक करें।
- SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर अपनी SSO ID से लॉगिन करें। अगर SSO ID नहीं है तो पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- आपको यहां पर दो विकल्प दिखाई देंगे। पहला Free और दूसरा Paid. आप अपनी निर्धारित श्रेणी के अनुसार दोनो में से एक विकल्प को चुन सकते है।
- इसके बाद आप अपने जनआधार नम्बर अथवा जनआधार पंजीयन रसीद नम्बर सॉफ्टवेयर में दर्ज कर सर्च करें।
- परिवार के सभी सदस्यो के नाम आपको सॉफ्टवेयर में दिखाई देंगे जिनमें से किसी भी एक सदस्य को डिजिटल हस्ताक्षर (ई-सिग्नेचर) करना होगा जिसके लिये आधार कार्ड में दर्ज कराये हुए मोबाइल नम्बर पर ओटीपी आयेगा। इस ओटीपी को सॉफ्टवेयर में सबमिट कर ई-सिग्नेचर करना होगा।
- तत्पश्चात श्रेणी अनुसार आपको अपना विवरण दर्ज करना होगा और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। इसके बाद आप पाॅलिसी डाॅक्यूमेंट प्रिंट कर पायेंगे।
Paid श्रेणी के परिवार आवेदन Submit करने पर सॉफ्टवेयर आपको ऑनलाइन पेमेंट माध्यम पर लेकर जायेगा जहां पर आपको निर्धारित प्रीमियम राशि 850 रूपये का भुगतान करना होगा। भुगतान के पश्चात पाॅलिसी डाॅक्यूमेंट का प्रिंट लिया जा सकेगा।
टिप: अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई समस्या हो, तो अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी पंजीकरण करा सकते हैं।
अस्पताल में इलाज लेने की प्रक्रिया (How to Get Treatment)
MAA Yojana के तहत अस्पताल में इलाज लेना बहुत सरल है:
योजना काउंटर पर जाएं — पंजीकृत अस्पताल में भर्ती होने पर MAA योजना काउंटर पर जाएं और जन आधार कार्ड या आधार कार्ड दिखाएं।
परिवार की पहचान — परिवार की पात्रता सुनिश्चित होने के बाद मरीज की पात्रता की जांच की जायेगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर में जन-आधार कार्ड का नम्बर अथवा पंजीयन नम्बर डालने पर परिवार की श्रेणी एवं सदस्यों का विवरण सॉफ्टवेयर में प्रदर्शित होगा, जिसमें से मरीज को चिन्ह्ति किया जाकर मरीज का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन किया जायेगा। मरीज के अस्पताल में भर्ती एवं डिस्चार्ज के समय वैब कैमरा के सामने लाइव फोटो लिया जायेगा।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन — मरीज का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चे के ईलाज के लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन एवं फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। परिवार पहचान पत्र में जुडे परिवार के किसी अन्य सदस्य के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन द्वारा बच्चे की टीआईडी जनरेट की जा सकती है।
- एक वर्ष तक के बच्चे के ईलाज के सम्बन्ध में प्रावधान – योजना के अन्तर्गत पात्र परिवार के जन-आधार कार्ड के विवरण में नाम सम्मलित नहीं होते हुए भी उस परिवार के एक वर्ष तक आयु के बच्चे को योजना के अन्तर्गत ईलाज देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए जन-आधार कार्ड में दर्ज परिवार के किसी भी उपलब्ध सदस्य के नाम से बच्चे की टीआईडी जनरेट कर ईलाज दिया जा सकता है।
निशुल्क इलाज शुरू — पात्रता सुनिश्चित होने के बाद कोई भुगतान नहीं करना होगा — इलाज पूरी तरह निशुल्क होगा। योजना में उपलब्ध पैकेज के अनुसार मरीज का इलाज प्रारंभ किया जायेगा।
किन अस्पतालों में मिलता है लाभ?
MAA Yojana का लाभ निम्नलिखित अस्पतालों में मिलता है:
- राजस्थान के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- सैटेलाइट अस्पताल और उप खंड अस्पताल
- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल
- राज्य में स्थित भारत सरकार के अस्पताल
- योजना से संबद्ध निजी अस्पताल
पंजीकृत अस्पतालों की पूरी सूची आधिकारिक वेबसाइट https://chiranjeeviapp.rajasthan.gov.in/ पर देखी जा सकती है।
MAA Yojana और आयुष्मान भारत में अंतर
अक्सर लोग MAA Yojana और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को एक समझ लेते हैं। लेकिन ये दोनों अलग-अलग हैं:
| पहलू | MAA Yojana (राजस्थान) | आयुष्मान भारत (केंद्र) |
|---|---|---|
| संचालन | राजस्थान सरकार | केंद्र सरकार |
| कवरेज | ₹25 लाख + ₹10 लाख दुर्घटना | ₹5 लाख |
| पात्रता | सभी राजस्थान निवासी | SECC 2011 आधारित |
| प्रीमियम | ₹850/वर्ष (गैर-पात्र) | निशुल्क (पात्र परिवार) |
योजना की उपलब्धियां (Achievements)
- राजस्थान देश का पहला राज्य बना जिसने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज दी
- 1.34 करोड़ से अधिक परिवार योजना में पंजीकृत
- रोजाना लगभग 8,000 मरीज लाभान्वित हो रहे हैं
- 12 लाख से अधिक लोग निशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं
- आगामी समय में अन्य राज्यों में भी इलाज की सुविधा मिलेगी
MAA Yojana: इलाज के लिए क्लेम कैसे करें और अस्पताल कैसे खोजें?
योजना का लाभ उठाना बहुत सरल है, लेकिन सही प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है ताकि आपातकाल के समय कोई परेशानी न हो।
1. अस्पताल में इलाज (दावा) की प्रक्रिया (Claim Process)
यह योजना पूरी तरह से कैशलेस है, जिसका अर्थ है कि मरीज को अस्पताल में पैसे देने की आवश्यकता नहीं होती। प्रक्रिया इस प्रकार है:
अस्पताल का चयन: सबसे पहले सुनिश्चित करें कि अस्पताल ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ से जुड़ा हुआ है।
स्वास्थ्य मार्गदर्शक (Health Guide): हर सूचीबद्ध अस्पताल में एक ‘स्वास्थ्य मार्गदर्शक’ (हेल्प डेस्क) होता है। वहां जाकर अपना जन आधार कार्ड या जन आधार रसीद दिखाएं।
पहचान सत्यापन: मरीज का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) या मोबाइल OTP के जरिए सत्यापन किया जाएगा।
इलाज की शुरुआत: सत्यापन के बाद, अस्पताल इलाज शुरू करेगा। डॉक्टर द्वारा बताए गए ‘पैकेज’ के अनुसार इलाज का सारा खर्च सीधे सरकार द्वारा अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।
डिस्चार्ज के समय: डिस्चार्ज होते समय मरीज को फिर से बायोमेट्रिक सत्यापन करना होता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि इलाज संतोषजनक ढंग से पूरा हुआ है।
2. सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची (Empanelled Hospitals) कैसे देखें?
आप घर बैठे अपने फोन से देख सकते हैं कि आपके आस-पास कौन से अस्पताल इस योजना में शामिल हैं:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: https://maayojana.rajasthan.gov.in/ पर जाएं।
अस्पताल खोजें: होमपेज पर ‘अस्पताल खोज’ बटन पर क्लिक करें।
अपने जिले (District) का नाम चुनें और जिस बीमारी (Specialty) का इलाज चाहिए, उसे सिलेक्ट करें।
सूची प्राप्त करें: आपको अस्पताल का नाम, पता और वहां के नोडल ऑफिसर का संपर्क नंबर मिल जाएगा।
3. यदि अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें? (शिकायत निवारण)
अगर कोई सूचीबद्ध अस्पताल योजना के तहत इलाज करने से मना करता है या पैसे मांगता है, तो आप इन माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं:
टोल-फ्री नंबर: 181 पर कॉल करें।
संपर्क पोर्टल: ‘Rajasthan Sampark’ ऐप या वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
अस्पताल में शिकायत: अस्पताल के प्रभारी या जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. MAA Yojana के लिए कौन पात्र है? राजस्थान के स्थायी निवासी जो NFSA, SECC 2011, लघु किसान, EWS या 70+ आयु वर्ग में हैं, वे निशुल्क लाभ पा सकते हैं। अन्य परिवार ₹850/वर्ष देकर शामिल हो सकते हैं।
Q2. क्या पहले से चली आ रही बीमारियाँ भी कवर होती हैं? हाँ, MAA Yojana में पहले से मौजूद बीमारियाँ (Pre-existing conditions) भी कवर होती हैं।
Q3. क्या प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज मिलेगा? हाँ, योजना से संबद्ध सभी पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज मिलता है।
Q4. Jan Aadhaar Card नहीं है तो क्या करें? पहले जन आधार पोर्टल (janaadhaar.rajasthan.gov.in) पर पंजीकरण कराएं। बिना जन आधार के योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
Q5. MAA Yojana का हेल्पलाइन नंबर क्या है? अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट maayojana.rajasthan.gov.in पर जाएं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA Yojana) राजस्थान सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना न केवल गरीब और वंचित वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा देती है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को भी महंगे इलाज की चिंता से मुक्त करती है।
अगर आप राजस्थान के निवासी हैं और अभी तक इस योजना में पंजीकृत नहीं हैं, तो आज ही maayojana.rajasthan.gov.in पर जाएं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें और अपने परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित करें।