पालनहार योजना, राजस्थान

राजस्थान सरकार की योजना

पालनहार योजना राजस्थान: सहायता राशि, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की पूरी जानकारी

अनाथ और ज़रूरतमंद बच्चों की परवरिश करने वाले परिवारों को आर्थिक मदद देने वाली इस योजना की पूरी जानकारी: ताज़ा राशि, कौन पात्र है और आवेदन की स्थिति कैसे देखें।

विभाग

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता

बच्चों की आयु

18 वर्ष तक

भुगतान

सीधे बैंक खाते में (DBT)

पालनहार योजना क्या है?

पालनहार योजना राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली बाल कल्याण योजना है। “पालनहार” का अर्थ है बच्चे का पालन-पोषण करने वाला व्यक्ति, यानी कोई रिश्तेदार, अभिभावक या परिवार। वर्ष 2005 में शुरू हुई इस योजना में ऐसे परिवारों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि जिस बच्चे ने माता-पिता को खो दिया हो या जिसके माता-पिता उसकी देखभाल करने में असमर्थ हों, वह किसी संस्था के बजाय परिवार के माहौल में बड़ा हो सके।

यह राशि बच्चे को नहीं, बल्कि पालनहार (देखभाल करने वाले) के बैंक खाते में जाती है। इसका उद्देश्य बच्चे के खान-पान, कपड़ों, पढ़ाई और रोज़मर्रा के खर्च में मदद करना है। राज्य में लाखों बच्चे इस योजना से लाभान्वित हुए हैं और समय-समय पर राशि बढ़ाई गई है। अनाथ श्रेणी के अलावा अन्य श्रेणियों के लिए सबसे ताज़ा बढ़ोतरी 1 जुलाई 2023 से लागू हुई।

योजना के उद्देश्य

  • अनाथ और असहाय बच्चों को परिवार जैसा सुरक्षित माहौल देना।
  • बच्चे को अपने साथ रखने वाले रिश्तेदारों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करना।
  • बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्र और विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करना।
  • बच्चों को पढ़ाई छोड़ने या असुरक्षित हालात में पहुँचने से बचाना।

योजना के लिए कौन पात्र है?

योजना में 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को शामिल किया जाता है जो नीचे दी गई स्थितियों में आते हैं। पालनहार राजस्थान का निवासी होना चाहिए और बच्चे का रिश्तेदार या परिचित होना चाहिए, जो बच्चे की देखभाल की ज़िम्मेदारी ले।

अनाथ बच्चे

जिन बच्चों के माता और पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी हो।

माता-पिता कारावास में

जिनके माता-पिता को मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सज़ा मिली हो।

निराश्रित विधवा के बच्चे

माता निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा हो या पुनर्विवाहित विधवा हो। आम तौर पर एक माता के अधिकतम तीन बच्चे शामिल होते हैं।

तलाकशुदा या परित्यक्ता माता

तलाकशुदा या परित्यक्ता माता के बच्चे, आम तौर पर अधिकतम तीन।

HIV/AIDS प्रभावित माता-पिता

ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता HIV/AIDS से प्रभावित हों।

दिव्यांग माता-पिता

संबंधित “विशेष योग्यजन पालनहार योजना” में 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले माता-पिता के बच्चे।

अपनी श्रेणी ज़रूर जाँचें। आय सीमा और पात्र बच्चों की संख्या श्रेणी के अनुसार अलग होती है और समय-समय पर बदलती रहती है। आवेदन से पहले विभाग की वर्तमान पालनहार गाइडलाइन में सही नियम देख लें।

पालनहार योजना की सहायता राशि

मासिक सहायता बच्चे की आयु और इस बात पर निर्भर करती है कि बच्चा अनाथ श्रेणी में है या नहीं।

श्रेणी0 से 6 वर्ष के बच्चे6 से 18 वर्ष के बच्चे
अनाथ बच्चे₹1,500 प्रतिमाह₹2,500 प्रतिमाह
अन्य सभी पात्र श्रेणियाँ₹750 प्रतिमाह₹1,500 प्रतिमाह

मार्च 2023 से पहले अन्य श्रेणियों को ₹500 और ₹1,000 प्रतिमाह मिलते थे। 10 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर ₹750 और ₹1,500 करने की मंज़ूरी दी, जो 1 जुलाई 2023 से लागू हुई। इससे राज्य सरकार पर लगभग ₹411 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक भार आने का अनुमान बताया गया।

राशि की पुष्टि ज़रूर करें। ऊपर दी गई राशि और सालाना भत्ता द्वितीयक स्रोतों पर आधारित हैं, इसलिए अपने मामले के लिए sje.rajasthan.gov.in पर आधिकारिक गाइडलाइन और राशि वृद्धि आदेश देखकर पुष्टि करें।

लाभ जारी रखने की शर्तें

  • आंगनवाड़ी नामांकन: बच्चे की आयु 2 वर्ष होने पर उसका आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकन होना चाहिए।
  • विद्यालय नामांकन: 6 वर्ष की आयु के बाद बच्चे का स्कूल में नामांकन अनिवार्य है। नामांकन न होने पर भुगतान रुक सकता है।
  • समय पर नवीनीकरण: माँगे जाने पर पालनहार परिवार को रिकॉर्ड का नवीनीकरण कराना होता है, आम तौर पर नामांकन के प्रमाण के साथ।
  • सही रिकॉर्ड: जन आधार की जानकारी और बैंक खाता आवेदन से मेल खाना चाहिए, वरना भुगतान में देरी हो सकती है।
  • बच्चे की देखभाल: बच्चा पालनहार के साथ रहे और उसकी उचित देखभाल होती रहे।

आवश्यक दस्तावेज़

  • पालनहार और बच्चे का जन आधार या भामाशाह आईडी
  • बच्चे और पालनहार का आधार कार्ड
  • पालनहार का बैंक पासबुक (खाता पालनहार के नाम पर हो)
  • माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, या श्रेणी के अनुसार संबंधित प्रमाण (न्यायालय का आदेश, पेंशन आदेश, चिकित्सा प्रमाण पत्र)
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या आयु का अन्य प्रमाण
  • जहाँ श्रेणी में आवश्यक हो, आय प्रमाण या घोषणा पत्र
  • आंगनवाड़ी या विद्यालय का नामांकन प्रमाण पत्र
  • दिव्यांग माता-पिता की श्रेणी में 40% या अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो

आवेदन कैसे करें

  1. दस्तावेज़ इकट्ठा करें।मूल दस्तावेज़ और फ़ोटोकॉपी तैयार रखें। आधार, जन आधार और बैंक खाते में नाम एक जैसा होना चाहिए।
  2. ई-मित्र केंद्र या SJMS पोर्टल पर जाएँ।आवेदन विभाग की SJMS प्रणाली (sjmsnew.rajasthan.gov.in) पर ऑनलाइन भरा जाता है, आप खुद भर सकते हैं या ई-मित्र संचालक की मदद ले सकते हैं।
  3. पालनहार और बच्चे का विवरण भरें।सही श्रेणी चुनें, जन आधार नंबर दर्ज करें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
  4. सत्यापन।आवेदन की जाँच स्थानीय और ज़िला स्तर पर विभाग द्वारा की जाती है। कोई कागज़ कम होने पर अधिकारी संपर्क कर सकते हैं।
  5. स्वीकृति और भुगतान।स्वीकृत होने के बाद मासिक राशि DBT के ज़रिए पालनहार के बैंक खाते में भेजी जाती है।

आवेदन या भुगतान की स्थिति कैसे देखें

  1. पालनहार स्टेटस पेज खोलें।SJMS पोर्टल (sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar) के पालनहार सेक्शन में “आवेदन स्थिति” या “भुगतान स्थिति” चुनें।
  2. वर्ष चुनें और आईडी भरें।अपना आवेदन आईडी, भामाशाह नंबर या जन आधार नंबर डालें और कैप्चा भरें।
  3. परिणाम पढ़ें।अगर स्थिति “लंबित” या “अस्वीकृत” दिखे तो संदेश को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि वही बताता है कि कौन-सा रिकॉर्ड सुधारना है।

आप राजस्थान जन सूचना पोर्टल (jansoochna.rajasthan.gov.in) पर “योजनाएँ” में जाकर भी इन्हीं जानकारियों से खोज सकते हैं। अगर भुगतान रुक जाए तो पहले बैंक खाता, नामांकन रिकॉर्ड और नवीनीकरण की स्थिति जाँचें, फिर अपने ज़िले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय से संपर्क करें।

पालनहार बच्चों के लिए अन्य सहायता

मुख्यमंत्री हुनर विकास योजना

लगभग 15 से 21 वर्ष के पालनहार लाभार्थियों को तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा और स्वरोज़गार में मदद देती है, जिसमें कोर्स फ़ीस की प्रतिपूर्ति भी शामिल है।

राजस्थान बजट 2026 की घोषणा

बजट 2026 में घोषणा की गई कि पालनहार योजना के बच्चों को स्कूल के बाद उनकी रुचि के अनुसार उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के विकल्प मिलेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पालनहार योजना का पैसा बच्चे को मिलता है या अभिभावक को?

पैसा पालनहार यानी बच्चे की देखभाल करने वाले अभिभावक या परिवार के बैंक खाते में आता है।

योजना का लाभ कितनी उम्र तक मिलता है?

बच्चे के 18 वर्ष का होने तक सहायता मिलती है। 6 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के लिए राशि अधिक है।

क्या सभी बच्चों को एक जैसी राशि मिलती है?

नहीं। अनाथ बच्चों को अन्य श्रेणियों से अधिक राशि मिलती है, और बच्चे के 6 वर्ष का होने पर राशि बढ़ जाती है।

क्या लाभ बंद भी हो सकता है?

हाँ। बच्चे का आंगनवाड़ी या स्कूल में नामांकन न होने, नवीनीकरण लंबित रहने या बैंक और जन आधार की जानकारी मेल न खाने पर भुगतान रुक सकता है।

आधिकारिक गाइडलाइन कहाँ मिलेगी?

गाइडलाइन और 2023 का राशि वृद्धि आदेश राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं।

अस्वीकरण: InfoBox.in एक स्वतंत्र सूचना ब्लॉग है और इसका राजस्थान सरकार से कोई संबंध नहीं है। योजना के नियम, राशि और पोर्टल लिंक बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट या अपने ज़िले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय से जानकारी की पुष्टि कर लें।

Scroll to Top